पारिस्थितिक तंत्र (Ecosystem) क्या है?


 पारिस्थितिक तंत्र (इकोसिस्टम)

समुदायों के जीवों की रचना ,कार्य व उनके वातावरण के पारस्परिक संबंध को पारिस्थितिक तंत्र कहते हैं।

पारिस्थितिकी वह विज्ञान है जो किसी क्षेत्र में रहने वाले विभिन्न जीवों के परस्पर सम्बंधों एवं भौतिक पर्यावरण से उनके सम्बंधों का अध्ययन करता है।
पौधें ,जंतु एवं अन्य जीव तथा भौतिक पर्यावरण एक साथ मिलकर पारिस्थितिक तंत्र एवं परितंत्र बनाते हैं।

किसी क्षेत्र में रहने वाले जीव एक दूसरे को प्रभावित करते हैं क्योंकि इनमें आपस मे तथा भौतिक पर्यावरण के साथ पदार्थ एवं ऊर्जा का आदान प्रदान होता रहता है। संपूर्ण जैवमंडल एक जटिल पारिस्थितिक तंत्र का निर्माण करता है क्योंकि जहाँ एक ओर भोजन के लिए उनमें परस्पर संघर्ष होता है तो दूसरी ओर पर्यावरण संबंधी दशाएँ भी उनके अधिवास को प्रभावित करती हैं।

पारिस्थितिकी (Ecology) शब्द  का प्रयोग सर्वप्रथम जर्मन जीव विज्ञानी अर्नेस्ट हैकल किया।

पारिस्थितिक तंत्र (Ecosystem) शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम ए.जी.टांसले ने 1935 में किया।

पारिस्थितिकी निकेत/निक (Niche) शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम ग्रीनेल्स ने 1917 में किया।


पारिस्थितिक तंत्र के मुख्यतः दो प्रकार की संघटक होते हैं:-

जैविक कारक:-
जैसे- जंतु समुदाय,वनस्पति समुदाय, सूक्ष्म जीव,मानव।

अजैविक कारक:-
जैसे- प्रकाश,ताप,आर्द्रता,हवा,स्थलाकृतियां,मृदा आदि।

पारिस्थितिक तंत्र की विशेषताएं:-

(1) पारिस्थितिक तंत्र एक खुला (Open) तंत्र होता है।

(2)  इसमें निरंतर ऊर्जा तथा पदार्थों का इनपुट (सतत निवेश) तथा आउटपुट (बहिर्गमन) होता रहता है।

(3) पारिस्थितिक तंत्र एक कार्यशील क्षेत्रीय इकाई होता है।

(4) पारिस्थितिक तंत्र की निजी उत्पादकता होती है।

(5) पारिस्थितिक तंत्र की ऊर्जा का मुख्य साधन सूर्य (सौर ऊर्जा) है।

(6) पारिस्थितिक तंत्र का समय आयाम होता है।

(7) यह एक सुनिश्चित क्षेत्र धारण करता है।

(8) परिस्थितिक तंत्र संरचित तथा सुसंगठित तंत्र होता है।

(9) पारिस्थितिक तंत्र एक गत्यात्मक संकल्पना है।

पारिस्थितिक तंत्र के घटक

{A} जीवीय घटक:-

(1)उत्पादक- हरे पौधों पर निर्भर जीव

(2)उपभोक्ता- ये तीन प्रकार के होते है-

(¡) प्रथम श्रेणी के उपभोक्ता (शाकाहारी जीव)
(¡¡) द्वितीय श्रेणी के उपभोक्ता (मांसाहारी जीव)
(¡¡¡) तृतीय श्रेणी के उपभोक्ता (उच्च मांसाहारी)

(3)अपघटनकर्ता
इसमे मृतोपजीवी व कवक शामिल हैं।

(B) अजीवीय घटक
यह तीन प्रकार का होता है-
(1) अकार्बनिक
(2) कार्बनिक
(3) भौतिक

(C) ऊर्जा संघटक

पारिस्थितिक तंत्र के प्रकार

पारिस्थितिक तंत्रों का निम्न आधारों पर वर्गीकरण किया जा सकता है-

(1) निवास्य क्षेत्र के आधार पर वर्गीकरण
इस आधार पर पारिस्थितिक तंत्रों को दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया जाता है-

(¡) पार्थिव या स्थलीय पारिस्थितिक तंत्र (terrestrial ecosys-systems)  

(¡¡) जलीय पारिस्थितिक तंत्र (aquatic eco-systems)

(2) क्षेत्रीय मापक (विस्तार) के आधार पर वर्गीकरण - 
क्षेत्रीय मापक या विस्तार के आधार पर पारिस्थितिक तंत्र को दो प्रमुख प्रकारों में विभाजित किया गया है-
(A) महाद्वीपीय पारिस्थितिक तंत्र
(B) महासागरीय या सागरीय पारिस्थितिक तंत्र

(3) उपयोग के आधार पर वर्गीकरण -
ई० पी० ओडम (1959) ने नेट प्राथमिक उत्पादन तथा कृषि विधियों के उपयोग के आधार पर पारिस्थितिक तंत्रों को दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया है- 

(A) कृषित पारिस्थितिक तंत्र 
(B) अकृषित या प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र

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 पं० अमित कुमार शुक्ल "गर्ग"

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